एफआईआर का मतलब फर्स्ट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट है। FIR रजिस्टर करवाने के लिए आपको लिखित एप्लीकेशन देनी होगी, इसके बाद पुलिस कार्रवाई करेगी।
FIR का इस्तेमाल पीड़ित द्वारा शिकायत के तौर पर किया जाता है। यह पुलिस को पीड़ित को सुरक्षा देने में मदद करता है। यह अपराध या हत्या, बलात्कार और डकैती को रोकने में मदद करता है।
यह बहुत ज़रूरी दस्तावेज़ है और इसे कोर्ट में इस बात के सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है कि पुलिस ने किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई क्यों की। FIR मिलने के बाद, पुलिस मामले की जांच शुरू कर देती है।
1. FIR सिर्फ़ लिखित में होगी।
2. शिकायतकर्ता को इसकी कॉपी मिलेगी।
3. इसमें समय, तारीख, घटना का विवरण और शामिल लोगों का पता और विवरण होना चाहिए।
ज़ीरो FIR क्या है?
ज़ीरो FIR सामान्य FIR का एक बेहतर रूप है।
अब, कोई भी नागरिक भारत में कहीं भी होने वाले अपराध या घटना की जानकारी देने के लिए किसी भी पुलिस स्टेशन में ज़ीरो FIR दर्ज करवा सकता है। यह ज़रूरी नहीं है कि वह पीड़ित हो या उसका रिश्तेदार या दोस्त हो। ज़ीरो FIR का मुख्य मकसद अपराध के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में होने वाली देरी को रोकना है।
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